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क्या एलियन हिमालय में रहते हैं?

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दोस्तों दुनियां भर के वैज्ञानिक मानते हैं कि धरती पर कुछ जगहों पर छुपकर रहते हैं दूसरे ग्रह के लोग। उन जगहों में से एक हिमालय है। भारतीय सेना और वैज्ञानिक इस बात को स्वीकार टीनहीं करते लेकिन वे अस्विकार भी नहीं करते हैं। भारतीय सेना और भारत-तिब्बत r पुलिस (आइटीबीपी) की यूनिटों ने सन् 2010 में जम्मू और कश्मीर के लद्दाख क्षेत्र में उडऩे वाली कुछ अनजान वस्तुओं (यूएफओ) के देखे जाने की खबर दी थी। लेकिन बाद में इस खबर को दबा दिया गया। पहली घटना: 20 अक्टूबर, 2011, सुबह 4.15 बजे, रात की pmo. ki BM . Mm h. C ड्यूटी कर रहे भारतीय सेना के एक जवान ने उड़ानतश्तरी के आकार वाला VV BB mm mm उt the mm ok ttf NH i j bbi  ki ok vgc AA n ज्जवल चमकती रोशनी से आच्छादित एक अंतरिक्ष यान सीमा रेखा के नजदीक एक सीमांत बस्ती में उतरते देखा। दो प्रकाश उत्सर्जक करीब तीन फुट ऊंचे जीव, जिनमें प्रत्येक के छह पैर और चार आंखें थीं, यान के किनारे से एक ट्यूब से उभरे, वो जवान के पास पहुंचे और अंग्रेजी के भारी-भरकम उच्चारण के साथ ज़ोर्ग ग्रह का रास्ता पूछा। दूसरी घटना: एक अन्य सूचित ...

क्या सच में नरक है? यदि है तो कहा है??

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दोस्तो हम सब बचपन से सुनते आ रहे है की अच्छा काम करो नही तो नरक में जवागे!आज हम उसी के ऊपर चर्चा करेंगे, क्या सच में नरक है? तो बने रहिए मेरे साथ। दुनिया के सभी धर्म में स्वर्ग और नर्क की बातें कही गई है। स्वर्ग अर्थात वह स्थान जहां अच्छी आत्माएं रहती है और नर्क वह स्थान जहां बुरी आत्माएं रहती है। कहा जाता है कि पापी व्यक्ति को नर्क में यातनाएं देने के लिए भेज दिया जाता है और पुण्यात्माओं को स्वर्ग में सुख भोगने के लिए भेज दिया जाता है। स्वर्ग को इस्लाम में जन्नत कहा जाता है और नर्क को दोजख य ा जेहन्नूम। इसी तरह हर धर्म में यह धारणा है कि ईश्वर ने स्वर्ग और नर्क की रचना की है जहां व्यक्ति को उनके कर्मों के हिसाब से रखा जाता है। पुराणों अनुसार मृत्यु का देवता यमराज आत्माओं को दंड या पुरस्कार देता है। यमराज के मंत्री चित्रगुप्त सभी आत्माओं के कर्मों का हिसाब रखते हैं फिर यम के यमदूत उन्हें स्वर्ग या नर्क में भेज देते हैं। नरक यह वह जगह है, जहां बुरी आत्माएं रहती हैं, लोग ऐसा मानते हैं कि हमारे बुरे कर्मों के हिसाब से आपको नरक में भेजा जाता है, जहां पर आपको अलग-...

नाग जाती और नागलोक की कुछ पौराणिक कहानी!

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            दोस्तों भारत में पाई जाने वाली नाग जातियों और नाग के बारे में बहुत ज्यादा विरोधाभास तो नहीं है। भारत में आज भी नाग, सपेरा या कालबेलियों की जाति निवास करती है। यह  सभी कश्यप ऋषि की संतानें हैं। पुराणों के अनुसार प्राचीनकाल में नागों पर आधारित नाग प्रजाति के मानव कश्मीर में निवास करते थे। बाद में ये सभी नागकुल के लोग झारखंड और छत्तीसगढ़ में आकर बस गए थे, जो उस काल में दंडकारण्य कहलाता था। सपेरा जाति का कालबेलिया नृत्य आज भी लोकप्रिय है।             उल्लेखनीय है कि नाग और सर्प में फर्क है। सभी नाग कद्रू के पुत्र थे जबकि सर्प क्रोधवशा के। कश्यप की क्रोधवशा नामक रानी ने सांप या सर्प, बिच्छु आदि विषैले जन्तु पैदा किए।     भारत में नाग जाती के आठों  कुल का  क्रमश: विस्तार हुआ जिनमें निम्न नागवंशी रहे हैं- नल, कवर्धा, फणि-नाग, भोगिन, सदाचंद्र, धनधर्मा, भूतनंदि, शिशुनंदि या यशनंदि तनक, तुश्त, ऐरावत, धृतराष्ट्र, अहि, मणिभद्र, अलापत्र, कम्बल, अंशतर, धनंजय, कालिया, सौंफ...

क्या सच में नागलोक है? आइए जानते हैं!

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दोस्तो हिंदू धर्म ग्रंथों में कई पौराणिक कथाएं पढ़ने और सुनने को मिलती है। इन्हीं में से एक नागलोक की कथा है। बताया जाता है कि धरती पर एक ऐसी जगह है जहां आज भी नाग यानि सर्प लोक मौजूद है। इस स्थान पर काले रंग का एक सांप शिव जी की पहरेदारी करता है। इसका महाभारत काल से संबंध है। छत्तीस गढ़ के जंगलों से घिरा जशपुर का यह तपकरा क्षेत्र आज भी अविकसित है। आदिवासियों की संख्या यहां अधिक पाई जाती है। वे जंगलों में रहकर अपना जीवन यापन करते हैं। इन जंगलों के बीच से होकर ईव नदी बहती है जिसके एक छोर पर शिव मंदिर है और दूसरे छोर पर एक गुफा का द्वार है। जिसे स्थानीय लोग 'पाताल गेट' के नाम से जानते हैं। इस गुफा के द्वार पर बड़ी सी चट्टान होने के कारण इस गुफा का द्वार बंद रहता है। लोगों का कहना है कि इस गुफा के अंदर जो भी गया वह जीवित नहीं लौटा। इस मंदिर के संबंध में अनेक कथाएं स्थानीय लोगों द्वारा कही जाती हैं। प्राचीन कथा जशपुर क्षेत्र को प्राचीन दंडकारण्य का हिस्सा माना जाता है। यहां रावण की बहन शुर्पनखा का राज चलता था। वे शिव भक्त होने के कारण यहां भगवान शिव की पूजा करती ...

भारत की खूबसूरत जगह ,जो हमें तुरंत वहां जाने के लिए उत्साहित कर सकते हैं

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माना कि दुनिया में घूमने के लिए बहुत खूबसूरत जगहें हैं। लेकिन यह भी सच है कि दुनिया तो बाद में देखियेगा, पहले अपना देश भारत तो अच्छी तरह से देख लें। शायद आपको पता भी नहीं होगा कि अपने देश भारत में इतना कुछ है कि जिसे देखने के लिए आपकी पूरी जिंदगी कम पड़ जाए। हालांकि अगर हम चाहें भी तो अपने भारत की सभी खूबसूरत जगहों की तस्वीर आपको नहीं दिखा सकते। लेकिन इनमें से कुछ गिनी चुनी जगहों की बेहद खूबसूरत तस्वीरें हम आपके लिए लेकर आए हैं, जिन्हें देखकर आप जल्दी से जल्दी वहां जाने से खुद को रोक नहीं पाएंगे। हां इनमें से कुछ जगह जाने-माने टूरिस्ट स्पॉट्स हैं, जबकि कुछ जगहें बिलकुल अनजानी भी हैं। अद्भुत ताजमहल - दुनिया के आठ आश्चर्यों में से एक ताजमहल को कौन नहीं जानता। ताजमहल को मुग़ल वास्तुकला का उत्कृष्ट नमूना माना जाता है जिसकी वास्तु शैली फ़ारसी, तुर्क, भारतीय और इस्लामी वास्तुकला का संमिश्रण है। यूं तो ताजमहल को वर्ष 1983 में ही यूनेस्को विश्व धरोहरों की लिस्ट में शामिल कर लिया गया था, लेकिन दुनिया के आठ आश्चर्यों की सूची में इसका नाम पिछले 10-11 साल पहले ही जुड़ा है। ताजमहल के बारे में...

नेपाल की कुछ रोचक जानकारी

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be,,ice,I,is जेसी,आईसीसी,ईदोस्तोंं आज आप नेपाल के बा।जेरीo.xxic के,एक्सएक्स के,,।केएक्सएस,,।b,jex,ubxezb, रे में कुछ रोचक तथ्य जानेंगे। क्या आप के।,e, kc ri को जानते है?v NC,d,।xx, dkde,x kc, शायद फिर से सोचने का समय आ गया है। इस पोस्ट मेंके,डीएक्सएक्स इस आश्चर्यजनक देश के बारेii  में आश्चर्यजनक तथ्य है जो आपको आश्चर्यचकित करेंगे। यहां तक कि सबसे जयादा यात्रा करने वाले लोगों के दिमाग हिल जायगा।  ,,नेपाल, भारत ओर। चीन दो राष्ट्रीय शक्तियों के बीच सैंडविच है, फिर भी यह एक संस्कृति को बनाए रखने का प्रबंधन करता है जो विशिष्ट रूप से अपना है। हम सभी जानते है कि नेपाल की यात्रा की उतार-माउंट एवरेस्ट, जो अंत में ८८४८मीटर की दूरी पर आकाश चुंबन के राजसी टावरिंग शिखर शामिल हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया के १० सबसे ऊंचे पहाड़ों में से अपेक्षाकृत छोटे 143,000 किमी² में पाए जाते है जो नेपाल में है? तो चलिए अब हम आपको नेपाल से जुड़े कुछ रोचक तथ्य बताते है! १.नेपाल की सीमाओ के निर्माण और विस्तार तक नेपाल कभी उपनिवेश नही बना और ना ही इसपर लगातार विदेशो ने शासन किया। इसलिये, ने...

नेपाल की सात सबसे ऊंचा पर्वत जो दुनियां की सबसे ऊंचे है...

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दोस्तों हमारे धरती पर लगभग 109 पहाड़ हैं जिनकी ऊंचाई समुद्र तल से 7,200 मीटर से अधिक है। ये बर्फ से ढके पहाड़ हर साल सैकड़ों हजारों पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। इस लेख में हम जानेंगे नेपाल की कुछ सबसे ऊंचा पर्वत चोटियों के बारे में।जो दुनियां की सबसे ऊची पहाड़ो में गिने जाते है। 1. माउंट एवरेस्ट MT. EVEREST (29,029 फीट/8,848 मीटर), नेपाल की सागरमाथा (माउंट एवरेस्ट) दुनिया का सबसे ऊंचा पर्वत है। माउंट एवरेस्ट नेपाल में स्थित है जो नेपाल-चीन सीमा पर समुद्र तल से 8,848 मीटर (29,029 फीट) की ऊंचाई पर स्थित है। माउंट एवरेस्ट को सबसे पहले नेपाली शेरपा तेनजिंग नोर्गे और न्यूजीलैंड के पर्वतारोही मिस्टर एडमंड हिलेरी ने 1953 में र्ब्रिटिश अभियान के तहत चढ़ाई की और जीत हासिल कर सागरमाथा पर चढ़ने वाले पहिले इंसान थे। माउंट एवरेस्ट पर चढ़ना कई लोगों के जीवन का लक्ष्य होता है। २. माउंट कंचनजंगा (28,169 फीट / 8,586 मीटर) माउंट कंचनजंगा दुनिया का तीसराऔर नेपालका दूसरा सबसे ऊंचा पर्वत है। यह नेपाल में भारत-नेपाल सीमा पर स्थित है। कंचनजंगा भारत की सबसे ऊँची चोटी है, और हिमालय के आसपास...

नेपाल के 10 खूबसूरत शहर,पोखारा दूसरे स्थान पर|

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1.काठमांडू. #kathmandu. काठमांडू नेपाल की राजधानी है,और यह बेहद खूबसूरत शहर है,जहाँ दुनियाभर से पर्यटक आते है, इसे किंगडम ऑफ़ नेपाल(kingdom of nepal) भी कहते है तथा यह शहर चारो और से पहाड़ियों से घिरा हुआ शहर है जो की 50.8 वर्ग किमी.मे फैला हुआ है व यह शहर ूनेस्को(unesco) की विश्व ध्रोहर मे शामिल है| #2.पोखारा #Pokhara. पोखारा नेपाल का दूसरा सबसे खुबसूरत शहर है,यहा भी काफी सख्या मे दुनियाभर से पर्यटक आते है,यह शहर नेपाल के पश्चिमी विकास क्षेत्र मे बना एक नगर है जो कास्की जिले के पोखारा घाटी मे स्थित है। #3.बुटवल #Butwal. बुटवल नेपाल के दक्षिणी-पश्चिमी पहाड़ी व तराई क्षेत्र मे की बीच स्थित है और यह भारत बॉर्डर पर स्थित है व भारत की और से सड़क मार्ग से नेपाल जाने के लिये इसी कस्बे से होकर गुजरना होता है या फिर इसे नेपाल #4.भरतपुर #Bhartpur. यह शहर नारायणी नदी के किनारे पर बसा हुआ शहर है,जो नेपाल के सबसे लम्बे महेंद्र राजमार्ग के पूर्वी पश्चिमी केंद्र मे स्थित है,तथा यह शहर नेपाल का महत्वपूर्ण ट्रांसपोर्टेशन जंक्शन भी है,व भरतपुर तेजी से लगातार आगे बढ़ रहा है और यहा की मैन इंडस्...

कलयुग के अंत से पहले दिखने लगेंगे ये लक्षण, पुराणों में है भविष्‍यवाणी

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आज के दौर में अधिकांश लोग मानव मूल्यों के ह्रास के लिए कलयुग को जिम्मेदार मानते हैं। ऐसे में जब भी कभी इस तरह की बातें सामने आती हैं तो लोग कहते हैं कि ये सारा कलयुग का प्रभाव है। पर क्या आप जानते हैं कि हमारे धर्म शास्त्रों में कलयुग के अंत के बारे में भी कहा गया है। ऐसे में इस कलयुग का अंत कब होगा, ये बात हर कोई जानना चाहता है। इस संबंध में जानकारों का कहना है कि कलयुग के अंत के संबंध में सनातन धर्म के कई ग्रंथों में इसके लक्षणों के बारें में बताया गया है। आइए जानते है पुराणों मे बताई गई कुछ खास लक्षणों के बरेमे। 1. भागवत पुराण में लिखा हैं जब सभी वेदों को छोड़कर मनुष्य संस्कारशून्य हो जाएंगे तब ऐसे लोग सत्ता पे काबिज होंगे। ये सबके सब परले सिरे के झूठे, अधार्मिक और स्वल्प दान करने वाले होंगे, दूसरे की स्त्री और धन हथिया लेने में ये सदा उत्सुक रहेंगे। न तो इन्हें बढ़ते देर लगेगी और न घटते। इनकी शक्ति और आयु थोड़ी होगी। राजा के वेश में ये म्लेच्‍छ ही होंगे।” छोटी बातों को लेकर ही ये क्रोध के मारे आग-बबूला हो जाएंगे| वे लूट-खसोटकर अपनी प्रजा का खून ...

नेपाल के दर्शनीय स्थल और घूमने की 10 खास जगह – Nepal Top 10 Places To Visit

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Nepal Tourist Places नेपाल दुनिया का एक बहुत ही खूबसूरत देश है जिसको ‘दुनिया की छत’ के रूप में भी जाना जाता है। नेपाल एक प्यारा हिमालयी देश है जो यहाँ आने वाले पर्यटकों को बेहद आकर्षित करता है। नेपाल आने वाले लोग यहां की यात्रा कई कारणों से करते हैं जैसे कुछ लोग यहां के बड़े-बड़े पर्वतों के आकर्षण में आते हैं तो कई लोग हिमालय में चढ़ाई या ट्रेकिंग करने के लिए नेपाल आते हैं। कई लोग ऐसे भी होते हैं जो नेपाल की संस्कृति और यहां के खास पर्यटक स्थलों को देखने के लिए आते हैं। खूबसूरत पहाड़ की चोटियों के साथ-साथ नेपाल बौद्ध धर्म और हिंदू धर्म के अनुयायियों के लिए एक प्रमुख धार्मिक केंद्र भी है। नेपाल की सबसे खास बात यह है कि इस देश में अपराध की दर काफी काम है जिसकी वजह से यह एक बहुत ही सुरक्षित पर्यटन देश बन जाता है। . नेपाल का इतिहास – के सबसे खूबसूरत देशों में से एक नेपाल में मूल रूप से शाह वंश का शासन था। उन्होंने सिक्किम (भारत) तक और सतलज नदी से परे अपने साम्राज्य के भौगोलिक क्षेत्र का विस्तार किया। ब्रिटिशकाल 1814 में अंग्रेजों ने एक युद्ध की घोषणा की और 1816 में नेपाल पर विजय...

कैसे हुई कलियुग की शुरुवात और कब होगा इसका अन्त

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दोस्तो कलियुग की शुरुआत कैसे हुई ?हिंदू पुराणों में चतुर्युग यानी चार युगों का वर्णन मिलता है सतयुग, त्रेता युग, द्वापर युग, और कलियुग यह देवताओं के 12000 दिव्य वर्षों के समान होता है, समस्त चतुर्युग एक समान होते है सतयुग से शुरू होकर कलयुग में अंत होता हैं !हिंदू मान्यताओं और पुराणों के अनुसार पृथ्वी पर अभी कल युग चल रहा है ! इस युग के बारे में पहले से ही लिखा है, कि कलयुग में पाप बहुत बढ़ जाएंगे और लोग धर्म के रास्ते से भटक जाएंगे ! चारों तरफ अधर्म फैल जाएगा और उस समय भगवान विष्णु के दसवे अवतार कल्कि धरती पर अवतरित होंगे और अपने देवदत्त घोड़े पर सवार होकर पाप का सर्वनाश करेंगे। पुराणों में यह भी लिखा है, कि कलयुग में मनुष्य का जीवन काल बहुत छोटा हो जाएगा ! वह युवावस्था से पहले ही मृत्यु को प्राप्त होने लगेंगे !मनुष्य की उम्र सिर्फ 20 वर्ष की रह जाएगी !जबकि पहले के युग में मनुष्य 500 सालों से भी ज्यादा जीवित रहते थे। लेकिन कब शुर हुआ कलयुग और कैसे होगा इसका अंत ? यह बहुत ही कम लोग जानते हैं ! इसके अलावा भी कलयुग से जुड़ी कई मान्यताएं और पौराणिक घटनाएं हैं । भारत के म...

नेपाल के कुछ धार्मिक स्थल

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नेपाल एक बहुत ही खूबसूरत देश है। यहां के प्राकृतिक नजारे देखना तो अद्भुत है। पोखरा, काठमांडू, नगरकोट, भक्तपुर, सागरमथ नेशनल पार्क, चितवन नेशनल पार्क, जनकपुर, लुम्बिनी आदि कई जगहे हैं जहां आपको हिमालय के दर्शन के साथ ही झील, सरोवर और जंगल के दर्शन भी होंगे। यहां पर्यटन के लिए कई हिल स्टेशन भी हैं जहां जाकर आपका मन रोमांचित हो जाएगा। आओ जानते हैं यहां के प्रमुख 15 धार्मिक स्थलों की संक्षिप्त जानकारी। पशुपतिनाथ मंदिर, काठमांडू : विश्व में दो पशुपतिनाथ मंदिर प्रसिद्ध है एक नेपाल के काठमांडू का और दूसरा भारत के मंदसौर का। दोनों ही मंदिर में मुर्तियां समान आकृति वाली है। नेपाल का मंदिर बागमती नदी के किनारे काठमांडू में स्थित है और इसे यूनेस्को की विश्व धरोहर में शामिल किया गया है। यह मंदिर भव्य है और यहां पर देश-विदेश से पर्यटक आते हैं। केदारनाथ और पशुपतिनाथ मंदिर के दोनों ज्योतिर्लिंग मिलकर ही पूर्ण ज्योतिर्लिंग बनता है। जानकी मंदिर, जनकपुर : रामायण काल में मिथिला के राजा जनक थे। उनकी राजधानी का नाम जनकपुर है। जनकपुर नेपाल का प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है। यह नेपाल की राजधानी काठमांडू...